फिल्म जगत में इन दिनों सच्ची और संवेदनशील कहानियों को बड़े पर्दे पर उतारने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसी कड़ी में निर्माता विजय कुमार अपनी आगामी फिल्म ‘डीजीपी कश्मीर’ को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। उनके बैनर टी3एस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के तहत बनने वाली इस फिल्म की शूटिंग इसी महीने कश्मीर की खूबसूरत और बर्फ़ीली वादियों में शुरू होने जा रही है। फिल्म के निर्देशन की कमान इम्तियाज भट्ट संभाल रहे हैं। इस फिल्म में डेजी शाह, आशमित पटेल, शारिब हाशमी, सारा खान, मीर सरवर, गैवी चहल और पुनीत इस्सर जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नज़र आने वाले हैं।
कश्मीरी पुलिसकर्मियों का त्याग और संघर्ष बनी फिल्म की प्रेरणा
जब निर्माता विजय कुमार से इस खास विषय को चुनने की वजह पूछी गई तो उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा, 'इस फिल्म को बनाने की सबसे बड़ी वजह इसकी कहानी ही है। जब हमारे सामने कश्मीरी पुलिसकर्मियों के बलिदान और उनके रोजमर्रा के संघर्षों की बातें आईं, तो हमें गहराई से यह महसूस हुआ कि यह एक ऐसी कहानी है जिसे हर हिंदुस्तानी तक पहुंचना चाहिए। हमने सेना और सुरक्षाबलों की बहादुरी के कई किस्से सुने हैं, लेकिन कश्मीरी पुलिस के उन स्थानीय जवानों के योगदान को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने देश और नागरिकों की हिफाजत के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। यह फिल्म उन अनकहे हीरोज को हमारी तरफ से एक सच्ची श्रद्धांजलि है।'
'धुरंधर' की कामयाबी से कोई कनेक्शन नहीं, हम दिखाना चाहते हैं मानवीय पक्ष
बॉक्स ऑफिस पर हाल ही में फिल्म ‘धुरंधर’ को मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि शायद विजय कुमार ने भी इसी ट्रेंड को देखते हुए एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म चुनी है। इस पर सफाई देते हुए विजय ने कहा, 'हमारी फिल्म का किसी दूसरी फिल्म की सफलता या ट्रेंड से कोई लेना-देना नहीं है। इस प्रोजेक्ट की नींव बहुत पहले ही मजबूत भावनाओं और एक ठोस कहानी के साथ रख दी गई थी। यह सिर्फ कोई चुनावी या राजनीतिक ड्रामा नहीं है। यह कहानी कर्तव्य, साहस और उन बहादुर अफसरों के परिवारों की है जो हर दिन एक अनजाने डर और संघर्ष के साए में जीते हैं। हम सिनेमा के जरिए इस पूरी यात्रा का एक मानवीय चेहरा लोगों के सामने रखना चाहते हैं।'
चुनौतियों और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले निर्माता
कश्मीर जैसे संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाने की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए विजय कुमार ने कहा, 'जब आप किसी ऐसी संवेदनशील जमीनी हकीकत को छूते हैं तो मुश्किलें आना तय है। लेकिन हमारी नीयत और विजन बिल्कुल साफ है। हम इस कहानी को बिना किसी मिर्च-मसाले के, पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ दिखाना चाहते हैं। हमने हर छोटी से छोटी बात की जिम्मेदारी समझी है।' सेंसर बोर्ड के साथ किसी भी संभावित विवाद की आशंका को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया का पूरा आदर करते हैं। हमारी फिल्म का मकसद किसी भी तरह का विवाद या सनसनी फैलाना नहीं है। यह फिल्म कश्मीरी पुलिस के जवानों और उनके परिवारों के त्याग को नमन करती है, जिसे बेहद संवेदनशीलता के साथ फिल्माया जा रहा है।'
एक विजन पर एकजुट हुई पूरी स्टार कास्ट
फिल्म की टीम और कलाकारों की तारीफ करते हुए विजय कुमार ने बताया कि जब उन्होंने निर्देशक इम्तियाज़ भट्ट और बाकी कलाकारों के सामने स्क्रिप्ट रखी तो हर कोई इस कहानी से भावुक रूप से जुड़ गया। उन्होंने कहा, 'ऐसी फिल्मों को बनाने के लिए सिर्फ स्टार्स की नहीं, बल्कि उन लोगों की जरूरत होती है जो कहानी की आत्मा को समझ सकें। यह हम सभी का एक सामूहिक और निस्वार्थ प्रयास है, जिसे पूरे जुनून के साथ दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा।'